जयपुर की प्रसिद्ध रजाईयां

गुलाबी नगरी रजाईयां बेहद प्रसिद्ध हैं। जयपुर की कलाएं दुनिया में नाम रखती हैं, इसका कारण यहां की हर वस्तु का कलात्मक होना है। जयपुर की रजाईयां वजन में बहुत हल्की और रेशमी होती हैं। इसी के साथ सस्ती और जयपुर की कल्चर में रंगी प्रिंट के कारण दुनियाभर में ये रजाईयां बहुत मशहूर हो चुकी हैं। इनकी गर्माहट भी अन्य रजाईयों से अधिक है। इनकी खूबसूरती बढ़ाने के लिए इन पर राजस्थानी वर्क किया गया है। इन रजाईयों को बनाने में सरजर्किल कॉटन और फाइवर का इस्तेमाल किया जाता है। इससे रजाईयां हल्की हो जाती हैं। इन कॉटन की खासियत यह है कि इन में हवा अंदर नहीं जा पाती है।

खासियत-

जयपुर की रजाईयों की तीन खासियत सबसे मशहूर हैं, लाइट वेट, लोकल प्रिंट और सिल्की टच। जयपुर की सौ ग्राम रूई से बनी रजाईयां दुनियाभर में फेमस हैं। हल्की होने के कारण इन्हें कोरियर कर के विदेश में भेजना आसान होता है। आजकल ऑनलाईन इनकी बिक्री दुनिया के हर कोने में होती है। जयपुर आने वाले विदेशी पर्यटक भी इन्हें खरीदने को प्राथमिकता देते हैं। इसकी खासियतों में इन रजाइयों के कवर पूरी तरह राजस्थानी संस्कृति के रंगों में रंगे होना भी है।

इतिहास-

इन रजाईयों को राजा महाराजाओं और उनके परिवार के लिए मुस्लिम कारीगर बनाया करते थे। जयपुर स्थापना के समय हाथ के कारीगरों थे, इनमें रजाई-गद्दे-मसनदें और सर्दी की पोशाकें तैयार करने वाले कारीगर भी बसाए गए। इन कारीगरों का सारा कामकाज राजपरिवार और रईसों पर निर्भर था। तंत्र बदला लेकिन शौक वही रहा। राजपरिवार के साथ साथ ये रजाईयां नेताओं को भी खूब रास आई। आज भी राजपरिवार के लोग जयपुरी रजाईयां इस्तेमाल करते हैं।

जयपुरी रजाई का निर्माण-

जयपुर के शाही महल के आसपास सिरहड्योढी बाजार में इन रजाइयों की पुरानी दुकानें बहुतायत से मिल जाती हैं। पुराने शहर में हवामहल रोड, रामचंद्रजी की चौकड़ी, चांदी की टकसाल, सुभाष चौक, बड़ी चौपड़, रामगंज, त्रिपोलिया, छोटी चौपड़, गणगौरी बाजार आदि कई जगह इन रजाईयों की पुरानी दुकानें और कारीगर मिल जाते हैं। खास बात यह कि इन रजाईयों का निर्माण आज भी हाथ से किया जाता है। रजाई के खोले भी स्पेशल होते हैं। इनका ऊपर का हिस्सा रेश्मी और कलात्मक होता है जबकि अंदर का ओढे जाने वाला हिस्सा सूती होता है।आजकल आकर्षक और सुविधाजनक पैकिंग ने इन रजाईयों को यहां से वहा लाने ले जाने में आसानी कर दी है, जिससे व्यापार बढा है।

रजाईयों की विशेषता

जयपुरी रजाईयों कई रूपों और विशेषताओं के साथ बाजार में उपलब्ध हैं। इनमें हैंड ब्लॉक बगरू प्रिंटिड, वेलवेट रजाई, कॉटन स्टफ्ड रजाई, मल्टीकलर डुएट रजाई, जयपुरी लहरिया रजाई, ट्रेडिशनल सांगानेरी प्रिंटेड रजाई, जाल प्रिंट रजाई, कॉटल डुएट प्रिंटिड, सांगानेरी गोल्ड प्रिंटिड रजाईयां बहुत पसंद की जाती हैं। आजकल जयपुरी रजाईयों को मॉडर्न प्रिंट के साथ भी पसंद किया जा रहा हैं। ये रजाईयां सिंगल और डुएट साइजों में उपलब्ध हैं और दोनों की रेट में बहुत ज्यादा फर्क भी नहीं होता। ऑरिजनल जयपुरी रजाईयां 1050 से लेकर 3000 रूपए तक मिल जाती हैं।

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