भीलवाड़ा: नाटक कबीरा खड़ा बाजार में का हुुआ मंचन

( ब्यूरो- मूलचंद पेसवानी )

भीलवाड़ा, भीलवाड़ा जिले के रायला में श्री नवग्रह आश्रम व रसधारा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में नाटक कबीरा खड़ा बाजार में का मंचन मोती बोर खेड़ा में हुआ। कबीर के पद्य निर्भय निगुण, गुण रे गाऊंगा…पर धीमे संगीत के साथ शुरु हुई नाटक की प्रस्तुति को कलाकारों के अभिनय ने जीवंत कर दिया। यह आयोजन नवग्रह आश्रम में पहुंचने वाले रोगियों के मोटीवेशन के लिए आयोजित किया गया। इस दौरान सैंकड़ों की तादाद में रोगी भी मौजूद रहे, नाटकों की प्रस्तुति के दौरान उस माहौल में रोगियों ने अपने रोग मुक्त होने की भी अनुभूति की। कई रोगियों का कहना था नाटक में जीवंत प्रस्तुतियों के दौरान उन्होंने महसूस किया कि वो भी धीरे धीरे रोग मुक्त हो रहे है।

नवग्रह आश्रम संचालक हंसराज चैधरी ने बताया कि प्रख्यात लेखक भीष्म साहनी लिखित व हरीश पंवार द्वारा निर्देशित कबीरा खड़ा बाजार में नाटक निर्गुण कवि कबीर के जीवन प्रसंगों पर आधारित है। इसमें जात-पात, संप्रदाय, आडंबर और वैचारिक गतिरोध का मार्मिक चित्रण किया गया है। नाटक के माध्यम से बताया कि एक मानव घर छोड़े बगैर भी जीवन को किस तरह से आध्यात्मिकता के साथ सहज एवं सरल तरह से जी सकता है। नाटक का निर्देशन प्रख्यात रंगकर्मी हरीश पंवार ने किया। इसमें समाज व्यवस्था पर बहुत सही और गहरा सटीक व्यंग करता हुआ नाटक कबीरा खड़ा बाजार में का सफल मंचन नवग्रह आश्रम के 120 फीट लंबे हॉल, जो कि कैंसर किडनी और लिवर के रोगियों से खचाखच भरा था, में मंचन किया गया।

1000 से अधिक रोगियों की उपस्थिति में राजीव जैन भीलवाड़ा, सहायक जिला शिक्षा अधिकारी भीलवाड़ा विजयपाल वर्मा, अखिल भारतीय स्तर के कवि राजकुमार बादल, कुमावत कंप्यूटर्स के संचालक महावीर कुमावत, श्रीनवग्रह आश्रम मोती बोर का खेड़ा के युवा वैज्ञानिक अजय चैधरी, भीलवाड़ा के मुकेश चैधरी, नारायण जाट, रायला के युवा उद्यमी टांक, भीलवाड़ा के प्रख्यात लेखक एवं कलाकार केजी कदम,  गौशाला के प्रबंधक देवीलाल मेघवंशी की गरिमामय उपस्थिति में कबीरा खड़ा बाजार का सफल मंचन लगातार बज रही तालियांे के मध्य संपन्न हुआ।

इस नाटक से पहले महाभारत पर आधारित एक अन्य लघु नाटक महानायक का मंचन भी हुआ। टेक्सटाइल कॉलेज एवं संगम यूनिवर्सिटी के युवा रंगकर्मियों का अभिनय प्रभावित करने वाला था। इसका निर्देशन युवा रंगकर्मी फरहान शेख ने किया। संयोजक विजयपाल वर्मा ने सभी का आभार ज्ञापित किया।

संचालक चैधरी ने बताया कि सुदूर अंचल में स्थापित नवग्रह आश्रम में भी कैंसर रोगियों को स्वस्थ मनोरंजन देकर 3 घंटे तक उनको रोग से भुलाया जा सका। आश्रम के संचालक हंसराज चैधरी ने भविष्य की योजना पर प्रकाश डालते हुए बताया की हेल्थ अवेयरनेस के लिए भविष्य में इस तरीके के नाटकों का लेखन और मंचन किए जाने की उनकी बहुत बड़ी योजना है।

भीलवाड़ा टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों एवं संगम इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों द्वारा अभिनीत महानायक एवं कबीरा खड़ा बाजार की उन्होंने प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री नवग्रह आश्रम पर इस नाटक के अनुरूप ही रोगियों के साथ जो व्यवहार किया जाता है। गरीब को पहले प्राथमिकता देना और रोगी के दर्द में पूरे पूरे भागीदार बनना, कैंसर, लकवा, मिर्गी, पागलपन जैसी बीमारियों के लिए प्रत्येक रविवार को 700 से अधिक रोगियों को निशुल्क औषधि का वितरण करना एक बहुत ही अनुकरणीय कार्य है।

प्रचार-प्रसार प्रभारी केजी कदम ने बताया कि नाटक मंचन के दौरान संगीत संयोजन पंडित शंभुप्रसाद का, प्रकाश व्यवस्था अमरीश पंवार की, ध्वनि व्यवस्था विजयपाल वर्मा की थी। कबीर के रूप में फरहान शेख, नूरा के रूप में राजेश जीनगर, नीमा के रूप में आयुषी, लोई के रूप में प्रिया सैनी, कोतवाल के रूप में कार्तिकेय पारीक, महंत के रूप में तपेंद्रसिंह, मौलवी के रूप गौरव मेनारिया आदि के अभिनय ने प्रभावित किया।

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