बंद घर में तड़पते हुए भागते रहे मां-बेटा, किचन में मृत मिले

भरतपुर। पॉश कॉलोनी में गुरुवार शाम महिला डॉक्टर ने डॉक्टर पति की प्रेमिका के घर आग लगा दी और बाहर से कुंडी बंद कर दी। दम घुटने से दीपा गुर्जर नाम की युवती और उसके 6 साल के बच्चे की मौत हो गई। चौंका देने वाला यह हत्याकांड अवैध संबंधों के शक में अंजाम दिया गया। आरोपी महिला डॉक्टर सीमा को इस बात का संदेह था कि पति डॉ. सुदीप के दीपा से अफेयर था। पुलिस ने फिलहाल सीमा गुप्ता और सास को गिरफ्तार कर लिया है।
सीमा के प्रतिशोध की आग इतनी भड़की थी कि उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। सीमा के तरीकों से जाहिर है कि वह दीपा को किसी भी तरह बख्शना नहीं चाहती थी। तभी तो आग लगाने के लिए वह अपने घर से ही कोल्ड ड्रिंक की बोतल में स्प्रिट लेकर दीपा के सूर्या सिटी स्थित घर पहुंची थी। इतना ही नहीं दीपा और उसका बेटा बच नहीं पाए इसलिए उसने कुंडी भी लगा दी थी।
तपड़ते हुए घर में इधर-उधर भागते रहे, रसोई में मृत मिले
आग लगने के बाद दीपा और उसका 6 साल का बेटा जान बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते हुए इधर-उधर भागते रहे। उनकी चीख-पुकार सुन सीमा का दिल भी पसीज गया और वह भी उन्हें बचाने की गुहार लगाने लगी। लेकिन कोई भी घर में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। आग बुझाने के बाद मां-बेटे की तलाश की तो वे उस कमरे में नहीं थे, जिसमें आग लगी थी, बल्कि रसोईघर में पड़े मिले।
आरोपी सीमा बोली- मैंने कई बार दीपा को समझाया था कि वह मेरे पति के संपर्क में नहीं रहे। जब वह नहीं मानी तो उसे चेतावनी देकर नौकरी से निकाल दिया। लेकिन इसके बाद भी वह चोरी-छिपे मेरे पति से मिलती-जुलती रही। इस पर भी मैंने उसे फिर समझाया और सूर्या सिटी कॉलोनी वाला मकान छोड़कर कहीं दूसरी जगह चले जाने को कहा। लेकिन, वह किसी भी कीमत पर यह मकान छोड़ने को तैयार नहीं थी।
सीमा ने बताया गुरुवार को मैं ऑटो में बैठकर अपनी सास के साथ दीपा को डराने के मकसद से मकान पर आई थी। वहां दीपा से हमारी कहासुनी और झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान मैं अपने गुस्से पर काबू नहीं कर पाई और स्प्रिट डालकर आग लगा दी। मैंने कुंडी खोलकर उसे बचाने की भी कोशिश की। लेकिन, मैं डर गई। तब तक आग इतनी भड़क चुकी थी कि कोई कुछ नहीं कर पाया। मैं तो उसे डराने के उद्देश्य से ट्रेलर दिखाने गई थी, मुझे क्या पता था कि इतना बड़ा मामला हो जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, कमरे की बाहर से कुंडी लगी होने के कारण दीपा और उसके बेटे को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। इस पर दीपा ने अंदर से ही मोबाइल पर अपने भाई अनुज (21) को घटना की सूचना दी। इस पर वह नीम दा गेट से बाइक पर आया और सीधा आग से घिरे घर में घुस गया। बहन और भांजे को बचाने के प्रयास में वह बुरी तरह से झुलस गया।

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