आबकारी विभाग में खत्म हो इन्स्पेक्टर राज- मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार अपनी मद्य संयम नीति की कड़ाई से पालना कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने राज्य में आबकारी विभाग को इन्स्पेक्टर राज से मुक्त कर सिस्टम में पारदर्शिता एवं प्रभावी सुधार के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने प्रदेश के शहरों में 30 फीट की गलियों में होटल एवं रेस्टोरेंट में बार लाइसेंस की अधिसूचना को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। गहलोत शुक्रवार रात को मुख्यमंत्री निवास पर उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और युवा पीढ़ी को मादक पदार्थों से दूर रखने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में हमने 8 बजे शराब की दुकानों को बंद करने, ई-सिगरेट पर प्रतिबन्ध और हुक्काबार पर रोक जैसे सख्त निर्णय किए हैं। आमजन में इनका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।
सर्विस डिलिवरी सिस्टम को और मजबूत बनाएं-
मुख्यमंत्री ने बैठक में सर्विस डिलिवरी सिस्टम को और बेहतर बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। ऐसे में आमजन से जुड़े विभागों की सेवाएं लोगों को समय पर मिलनी चाहिए। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, चिकित्सा, महिला बाल विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और शिक्षा सहित अन्य विभागों में सर्विस डिलिवरी सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
 ’निरोगी राजस्थान’ को बनाएं जन आंदोलन-
गहलोत ने कहा कि ’पहला सुख निरोगी काया’ की अवधारणा के अनुरूप राज्य में ’निरोगी राजस्थान’ अभियान शुरू किया गया है। इसका उद््देश्य आमजन को बेहतर जीवनशैली के माध्यम से रोग मुक्त एवं स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करना है। विभाग इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाए ताकि लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों और ऐसी जीवनशैली अपनाएं कि बीमारियों से बचा जा सके। गहलोत ने कहा कि प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सिरमौर बनाने के लक्ष्य के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। ऐेसे में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बैठक में मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, प्रमुख सचिव आयोजना अभय कुमार, शासन सचिव वित्त (राजस्व) डॉ. पृथ्वीराज सहित वित्त एवं आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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