स्कूलों में पढाया जायेगा स्वच्छता का पाठ, बच्चे करेंगें परिजनों को जागरूक

जयपुर। स्कूल, कॉलेजों एवं कोचिंग संस्थानों में पढने वाले छात्र-छात्राओं को नियमित कोर्स के साथ स्वच्छता का पाठ भी पढाया जायेगा। स्वच्छता को लोगो के जीवन का हिस्सा बनानेे और स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में जयपुर को प्रथम स्थान पर लाने के लिए इन संस्थानों के संचालको के साथ नगर निगम मुख्यालय के ई.सी. हॉल में बैठक आयोजित की गई।
अतिरिक्त आयुक्त अरूण गर्ग ने सभी स्कूल, कॉलेज संचालको से अपील की कि वे प्रार्थना समय या जीरो पीरियड में बच्चों को स्वच्छता के सम्बन्ध में जागरूक करें। उन्होने स्कूल संचालको से कहा कि अगर वे चाहें तो अपने आस-पास की किसी सड़क के भाग, पार्क आदि की स्वच्छता की जिम्मेदारी ले सकते है नगर निगम इसमेंं पूरी मदद करेगा।
व्यवहार परिवर्तन में बच्चोें की अपील महत्वपूर्ण-अतिरिक्त आयुक्त गर्ग ने कहा कि जयपुर को स्वच्छ बनाने की शुरूआत प्रत्येक नागरिक को घर से करनी होगी। लोग सफाई को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें इसके लिए उनमें जागरूकता पैदा करना जरूरी है। लोगो के व्यवहार परिवर्तन में बच्चो की अपील महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है। उन्होने कहा कि सामान्यतः व्यक्ति का स्वभाव होता है कि वो टालमटोल करता है लेकिन किसी चीज की अपील बच्चों द्वारा की जाती है तो लोग उसे स्वीकार करते है।
इन्टर हाउस गतिविधियां आयोजित की जाये-उन्होने कहा कि स्कूलो मेें सफाई से सम्बन्धित प्रश्नोत्तरी, चित्रकला, पोस्टर आदि प्रतियोगिताएं इन्टरहाउस स्तर पर आयोजित करवाई जाये ताकि बच्चे स्वच्छता का महत्व समझ सके और अपने परिजनों और परिवार तक स्वच्छता का संदेश पंहुचाये।
बच्चो को यह सिखायें-
कचरा पात्र में ही कचरा डालें, सडक पर गन्दगी नही फैलाये।
सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नही करें, बच्चे माता-पिता से इस बात की अपील करें कि बाजार जाये तो घर से थैला लेकर जायें।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाली गाडी में ही कचरा डालें।
स्वच्छ सर्वेक्षण मेें सिटीजन फीडबैक में जो सवाल नागरिको से पूछे जाने है उसकी जानकारी बच्चों को दी जाये ताकि वे अपने परिजनो को इनके बारे में बता सके।
बच्चों मे इस भावना को विकसित करें कि जयपुर शहर उनका अपना शहर है और उसकी साफ-सफाई उनकी भी जिम्मेदारी है।
यह सवाल आपके लिये जानना जरूरी है-
क्या आपको पता है कि आपके शहर के सार्वजनिक शौचालय गूगल मैप पर दर्ज है?
इस सवाल का जवाब ‘हां‘ है। आप गूगल पर जाकर पब्लिक टॉयलेट नियर मी लिखेंगें तो आपके मोबाईल या लैपटॉप पर आस-पास स्थित सार्वजनिक शौचालयोें की जानकारी आ जायेगी। यह सवाल आपको इसलिए जानना जरूरी है क्योंकि स्वच्छ सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक के अंतर्गत जो सात सवाल सीधे शहर वासियों से पूछे जायेंगें, यह उनमेें से एक है। यदि आपका जवाब हां रहता है तो इस सवाल के पूरे अंक जयपुर को मिलेंगें, जो जयपुर की रैंकिगं उपर लायेंगें।
निगम की टीम करेगी जागरूक- नगर निगम की टीमें दिसम्बर माह में स्कूल, कॉलेज एवं कोचिंग संस्थानो मे जाकर नाटक, अपील आदि तरीको से बच्चों को स्वच्छता और स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के बारे मेे जागरूक करेगी।
इस दौरान एसएस लीग 2020 के नोडल अधिकारी हर्षित वर्मा, उपायुक्त सलीम खान, करणी सिंह, राम किशोर मेहता, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर के. गर्ग, रश्मि कांकरिया, सोनिया अग्रवाल, जगदीश प्रसाद सहित निगम के अधिकारी एवं स्कूल, कॉलेज एवं कोचिंग संस्थानो के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

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