कृषि उपज मंडी कुकरखेड़ा में दलालों को कार्यालय आवंटन के संबंध में होगा शीघ्र निर्णय-अतिरिक्त मुख्य सचिव

जयपुर। कृषि उपज मंडी कुकरखेड़ा में दलालों को कार्यालय आवंटन के संबंध में शीघ्र निर्णय किया जाएगा। कृषि एवं पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल ने गुरुवार को मंडी के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।  मंडी अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में दलाल चांदपोल मंडी में ही कारोबार कर रहे हैं। उनकी कुकरखेड़ा मंडी में कार्यालय के लिए 15 गुना 10 फुट स्थान आवंटन की मांग चल रही है। इसके लिए 622 लोगों ने आवेदन भी कर रखा है। यह आवंटन होने से दलालों को सहूलियत होगी और मंडी के व्यवसाय में भी बढ़ोतरी होगी। इस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री गोयल ने अधिकारियों को अब तक हुई कार्यवाही का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि आवंटन के संबंध में उचित निर्णय किया जा सके।  गोयल ने अधिकारियों को यातायात पुलिस के साथ चर्चा कर सीकर रोड स्थित मुख्य गेट से भारी वाहनों की आवाजाही शुरू करवाने के निर्देश दिए। वर्तमान में मुख्य गेट से कुछ दूरी पहले तक भारी वाहनों के लिए ‘नो एंट्री’ जोन घोषित किया हुआ है। उन्होंने मंडी परिसर में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम के माध्यम से सफाई करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडी प्रशासन निगम के साथ चर्चा कर इसका खर्चा तय कर लें और उसका भुगतान कर दें। उन्होंने दुकानों में अवैध रूप से बन रहे बेसमेंट निर्माण को तुरंत प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सीकर रोड पर बने रेस्टोरेंट का पिछला दरवाजा मंडी परिसर में खुला मिलने पर अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री गोयल ने नाराजगी जाहिर करते हुए तुरंत बंद करवाने के निर्देश दिए। साथ ही मंडी परिसर में आवंटित जगह का उपयोग नियम विरूद्ध करने पर कानूनन कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडियों के निर्माण का मकसद कृषि जिंसों के व्यापार को बढ़ावा देना और किसान की उपज का उचित मूल्य दिलवाना है। उन्होंने मंडी शुल्क अदा किए बगैर हो रहे कारोबार वाले सामान की सूची बनाकर देने के निर्देश दिए, ताकि इस संबंध में भी नीति बनाई जा सके।

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